असली नर्मदेश्वर शिवलिंग क्या होता है?
मां नर्मदा नदी के तल से प्राप्त प्राकृतिक पत्थर को नर्मदेश्वर शिवलिंग कहा जाता है। यह स्वयंभू शिवलिंग होता है और इसे किसी प्राण प्रतिष्ठा की आवश्यकता नहीं होती।
असली नर्मदेश्वर शिवलिंग कहां से मिलता है?
असली नर्मदेश्वर शिवलिंग केवल मध्य प्रदेश के ग्राम बकावां (Bakawan) से ही प्राप्त होता है। यह गांव मां नर्मदा नदी के तट पर स्थित है।
ग्रामीण नाव द्वारा नदी के बीच स्थित टापुओं से शिवलिंग योग्य पत्थरों का चयन करते हैं। हर पत्थर शिवलिंग नहीं बनता, केवल वही जिसमें प्राकृतिक ऊर्जा होती है।
असली और नकली नर्मदेश्वर शिवलिंग में अंतर
- ✔ असली शिवलिंग नर्मदा नदी के पत्थर से बनता है
- ✔ अंडाकार, चिकना और छेद रहित होता है
- ✔ प्राकृतिक आकृतियां (ॐ, त्रिपुंड, गणेश) दिखती हैं
- ❌ पहाड़ी पत्थर से बना शिवलिंग नकली माना जाता है
घर में रखने योग्य नर्मदेश्वर शिवलिंग का सही साइज
शास्त्रों के अनुसार घर में 2 इंच से 6 इंच तक का शिवलिंग श्रेष्ठ माना गया है। शिवलिंग की जलधारी शिवलिंग के आकार से दोगुनी होनी चाहिए और उसका मुख उत्तर दिशा में होना चाहिए।
नर्मदेश्वर शिवलिंग की कीमत
कीमत उसके आकार, रंग और प्राकृतिक आकृतियों पर निर्भर करती है:
- 2 इंच शिवलिंग
- 4 इंच शिवलिंग
- मंदिर हेतु बड़े शिवलिंग – ऑर्डर पर
क्यों बकावां से ही खरीदें?
बकावां ही एकमात्र स्थान है जहां नर्मदा नदी से वास्तविक शिवलिंग पत्थर प्राप्त होते हैं। कोई पहाड़ी पत्थर नहीं होने के कारण नकली शिवलिंग बनने की संभावना नहीं होती।






